
पुलिस ने रिटायर्ड दरोगा की हत्या करने वाले 3 लोगों को गिरफ्तारकर लिया है।
मुरादाबाद में रिटायर्ड दरोगा की ठेकेदार और उसकेसाथियों ने बल्लियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।उसकी डेड बॉडी को सीदढियों से नीचे फेंक दिया। ठेकेदारने दरोगा की सोने की अंगूठी और चेन भी लूट ली। इसकेबाद बेटे को फोन कर बताया कि उसके पिता की छत सेगिरकर मौत हो गई है।
हादसा समझकर बेटे ने पिता के शव का अंतिम संस्कारकर दिया। घटना मझोला थाना क्षेत्र की 19 जनवरी कीहै। बेटा जब पुलिस के पास अंगूठी और चेन का सवाललेकर पहुंचा तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस ने तीन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करअरेस्ट कर लिया है।
तस्वीर रिटायर्ड दरोगा अतेंद्र सिंह की है।
मुरादाबाद के बुद्धि विहार में दरोगा अतेंद्र सिंह परिवारके साथ रहते थे। दो माह पहले ही वह सहारनपुरसेसेवानिवृत्त हुए थे। नौकरी के दौरान अतेंद्र ने लाकड़ीबाईपास इंडस्ट्रियिल एरिया में एक प्लॉट खरीदा था।रिटायर होने के बाद वह उस प्लॉट पर हॉल का निर्माणकरा रहे थे।
अतेंद्र ने इसके निर्माण का ठेका तीन जनवरी मेंमुरादाबाद निवासी रवींद्र को दिया था। रवींद्र ठेकेदारीके साथ-साथ राजिमिस्त्री का भी काम करता है। 19जनवरी को दोपहर में अतेंद्र प्लॉट पर काम देखने गएथे। वह सीढ़ियों के पास खड़े होकर काम देख रहे थेऔर ठेकेदार को कमियां बता रहे थे।
डेड बॉडी को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया
इसी बीच ठेिकेदार ने पीछे से अतेंद्र की कमर पर जोर सेलात मारी, इससे वह नीचे मुंह के बल गिर पड़े। इसकेबाद रवींद्र ने अपने दो साथी मजदूरों के साथ बल्लियोंसे पीट-पीटकर अतेंद्र की हत्या कर दी। उनकी डेड बॉडीको सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया।डेड बॉडी को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया
इसी बीच ठकेदार ने पीछे से अतेंद्र की कमर पर जोर सेलात मारी, इससे वह नीचे मुंह के बल गिर पड़े। इसकेबाद रवींद्र ने अपने दो साथी मजदूरों के साथ बल्लियोंसे पीट-पीटकर अतेंद्र की हत्या कर दी। उनकी डेड बॉडीको सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया।
रवींद्र ने अतेंद्र के हाथ से सोने की अंगूठी और गले सेसोने की चेन भी उतार ली। इसके बाद अतेंद्र के बेटेअंकुर प्रताप सिंह को फोन कर कहा- तुम्हारे पापा छतसे नीचे गिर गए हैं। उनकी मौत हो गई है। यह सुनकरबेटा दौड़ता हुआ प्लॉट पर पहुंचा और पिता को कार सेजिला अस्पताल लेकर पहुंचा।
यहां डॉक्टर ने अतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। दरोगाकी मौत से घर में कोहराम मच गया। बेटे ने हादसामानकर पिता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
अब पढ़िए कैसे पता चला दरोगा की मौत हादसा नहींहत्या थी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त हुई बल्ली औरलूटा गया सामान बरामद किया।
दरोगा की सोने की अंगूठी और चेन थी गायब, पिता नेपुलिस से की शिकायत
sP City रणणविजय सिंह ने बताया कि अतेंद्र की मौतके करीब 15 दिन बाद 6 फरवरी को अतेंद्र के बेटे कोयाद आया कि उसके पिता हमेशा सोने की चेन औरअंगूठी पहने रहते थे। क्रिमिनेशन के समय दोनों गायबथीं। दरोगा का बेटा मझोला थाने पहुंचा और उसनेपुलिस से शक जाहिर किया कि संभवत: उसके पिता केछत से गिरने के बाद मजदूरों या फिर अस्पताल में किसीने दोनों वस्तुएं उतार ली हैं।
बेटे ने पुलिस से कहा- यह उसके पिता की अंतिम
निशानी है, उसे वह पाना चाहता है।
इसके बाद इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने सबसे पहले
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज चेक करे। यहां पता चलाकि अस्पताल स्टाफ ने उनके हाथ या गले से कोई भीवस्तु नहीं उतारी है। इसके बाद पुलिस ने ठेकेदार रवींद्रको थाने बुलाया और पूछताछ की।
इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने पूछा कि अतेंद्र छत से कैसेगिरे ? वह कहां खड़े थे? तुम लोग उस समय कहां थे?इन सवालों को जवाब देते समय रवींद्र घबरा गया। इसपर इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने कड़ाई से पूछताछ की तोवह टूट गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर हत्या का मुकदमा दर्जकिया है।
आरोपी रवींद्र बोला- पहले मारी लात, फिर बल्लियों सेपीटा
रवींद्र ने पुलिस को बताया कि अतेंद्र की मौत छत सेगिरकर नहीं हुई थी। बल्कि उसने हत्या की थी। उसनेबताया- अतेंद्र की हत्या उसने दो मजदूरों विपिन औरसंजय के साथ मिलकर की थी। आरोपी ने बताया, उसनेअतेंद्र से कुछ माह पहले दो लाख रुपए लिए थे। पैसेचुकाने के लिए ही वह उनके यहां निर्माण कार्य कर रहा
था।
बताया कि अतेंद्र मुझे बहुत डांटते थे। मैं उनकी गालियोंसे आजिज आ गया था और बदला लेने का मन बनालिया था। मैं क्या मजदूर भी परेशान हो गए थे। इसलिएहमने हत्या करने का प्लान बनाया। रवींद्र ने दोनोंमजदूरों को अतेंद्र की सोने की चेन और अंगूठी देने कीबात कहकर प्लान मे उन्हें भी शामिल कर लिया।छत देखने गए तो मारी कमर में पीछे से लात
ठेकेदार रवेंद्र ने पुलिस को बताया कि अतेंद्र जब 19जनवरी को बिल्डिंग पर काम देखने आए तो हम तीनों नेपहले से ही उसे निपटाने का मन बना लिया था। दरोगाछत पर चेक करने पहुंचे। यहां मैंने उनके कमर में पीछेसे लात मारी। अतेंद्र नीचे मुंह के बल गिर पड़े । इससेपहले वह उठ पाते मजदूरों और मैंने बल्लियों से वारकरना शुरू कर दिया।
अतेंद्र की मौत हो जाने के बाद मैंने अंगूठी और चेनउतार ली। फिर शव को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया।उसके बेटे को फोन कर छत से नीचे गिरने की झूठीकहानी बता दी।
पुलिस ने रवींद्र, विपिन और संजय को रविवार रातअरेस्ट कर लिया। तीनों पर हत्या का मुकदमा दजर्ज कियागया है।
25 बीघा जमीन-एक करोड़ के मकान के लिए कीहत्याः:बहन-भांजी पर चलाई गोलियां, रिटायर्ड CMOबोले- बेटी सेवा करती थी इसलिए प्रॉपटी दिया
इटावा में जमीनी विवाद में एक भाई ने अपनी मासूमभांजी समेत अपनी छोटी बहन की तमंचे से गोलीमारकर हत्या कर दी। हत्याकांड की वजह करोड़ों कीसंपत्ति बताई जा रही है, जिसे सेवानिवृत्त सीएमओलवकुश चौहान ने अपनी बेटी के नाम कर दिया था।
चार साल पहले लवकुश चौहान ने 75 बीघा जमीन मेंसे 25 बीघा और इटावा शहर के करमगंज स्थित करीबएक करोड़ के मकान को अपनी छोटी बेटी ज्योतिचौहान के नाम कर दिया था। इसी को लेकर ज्योति केबड़े भाई हर्षवर्धन ने न्यायालय में वाद भी दायर कियाथा। इस घटना से पूर्व भी हर्षवर्धन के ऊपर प्रॉपर्टी केविवाद में जानलेवा हमला, मारपीट करने का भी आरोपलगेथे।
मुरादाबाद ।एक लाख रुपये के लालच में की थी रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की हत्या।
अंतिम संस्कार के दौरान हुआ शक तो घर वालों ने कराई थी एफआईआर।
मुरादाबाद जनपद के मझोला थाना इलाके में हुई थी रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की हत्या।मुरादाबाद पुलिस





